भारत के दुसरे सबसे अमीर आदमी गौतम अडानी की कंपनियों को बड़ी राहत मिली है दरअसल 24 जनवरी को अमेरिकी शार्ट सेलर

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद अडानी ग्रुप की हालत ढीली हो गयी, क्योंकि अडानी ग्रुप के ऊपर एकाउंटिंग फ्रॉड 

स्टॉक मनीप्ल्युसन जैसे गंभीर आरोपों के बाद अब तक अडानी ग्रुप का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रूपए से भी अधिक 

कम हो चुका है, ऐसे में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में क़रीब 100 बिलियन डॉलर की कमी आई है.

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद NSE ने अडानी ग्रुप की 3 कम्पनियों को 8 मार्च को ASM फ्रेमवर्क में डाल दिया था.

इस फ्रेमवर्क में अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी विल्मर, और अडानी पॉवर शामिल हैं. ऐसे में शुक्रवार 17 मार्च को NSE ने अडानी की

इन तीनों कंपनियों को ASM फ्रेमवर्क से बाहर कर दिया है, NSE ने सर्कुलर में अडानी इंटरप्राइजेज, अडानी विल्मर, अडानी पॉवर को शार्ट टर्म ASM फ्रेमवर्क से बाहर

निकालने की जानकारी दी, इसके साथ NSE ने अडानी की 10 सिक्योरिटीज को भी 17 मार्च से ASM से बाहर कर दिया.