अडानी और हिंडनबर्ग मामले की जाँच के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से समय माँगा है, जब से अमेरिकी शार्ट सेलर

हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप पर एकाउंटिंग फ्रॉड, मनी लोंड्रिंग और शेयर की हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाये थे, 

जिसके बाद अडानी ग्रुप की हालत पस्त होती गयी और निवेशकों के करोड़ो डूब गए साथै में ग्रुप का मार्केट कैप लाखों करोड़ रूपए 

घट गया, इसके अलावा ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स भी आधें से अधिक टूट गए, ऐसे में अडानी की कंपनियों में निवेश किये LIC के करोड़ो का नुकसान हुआ 

SBI ने भी ग्रुप को करोड़ो का कर्ज दिया था, जिसको लेकर संसद में हंगामा मच गया क्योंकि दोनों ही कंपनिया पब्लिक सेक्टर की है.

जाँच की मांग के बाद सेबी भी एक्शन में आ गयी और अडानी ग्रुप द्वारा सभी ट्रांसक्टसन की जाँच करने लगी, ऐसे में अब सेबी ने सुप्रीम कोर्ट से

6 महीने का समय माँगा है, सेबी का कहना है की अडानी हिंडनबर्ग का मामला बहुत ही जटिल है इसलिए इसमें 15 महीनें का समय लग सकता है.

लेकिन सेबी कोशिश करेगा की इस जाँच को 6 महीनें के अन्दर ख़त्म कर लिया जाए. फिलहाल अडानी की और खबरों के लिए