(PoS) Proof of Stake क्या है। What’s Proof of Stake in Hindi

दोस्तों क्रिप्टोकरेंसी की पॉपुलरिटी जब से बढ़ी है तब से क्रिप्टोकरेंसी को जानने और समझनें के लिए लोग काफ़ी उत्सुक है ऐसे में हर दिन हम क्रिप्टो की दुनियां में नई- नई टेक्नोलॉजी से रूबरू होते रहते है. इसी कड़ी में PoS यानि Proof of Stake आता है, आइये हम इस लेख में Proof of Stake क्या है। What’s Proof of Stake in Hindi जानतें है.

(PoS) Proof of Stake क्या है?

Proof of Stake क्या है? Proof of Stake एक क्रिप्टोकरेंसी Consensus Mechanism है जो किसी भी क्रिप्टोकरेंसी transactions को प्रोसेसिंग करनें और ब्लॉकचेन में नए ब्लॉक बनाने के लिए प्रयोग होता है. Consensus Mechanism एक Distributed डेटाबेस में एंट्रीज़ को Validate करने और डेटाबेस को Secure रखने का Method है.

(PoS) Proof of Stake क्या है। What’s Proof of Stake in Hindi 2022

अतः क्रिप्टोकरेंसी के केस में डेटाबेस को ‘ब्लॉकचेन’ कहा जाता है, इसलिए Consensus Mechanism ब्लॉकचेन को सुरक्षित करता है.

What’s Proof of Stake in Hindi

What’s Proof of Stake in Hindi? अगर इसे आसान भाषा में समझें तो Proof of Stake एक प्रकार का Consensus Mechanism है जिसका उपयोग ब्लॉकचेन द्वारा डिस्ट्रिब्यूटेड Consensus प्राप्त करने के लिए किया जाता है.

प्रूफ़ ऑफ़ वर्क में Miners, ऊर्जा खर्च करके यह साबित करते है की उनके पास रिस्क में भी कैपिटल है, अतः प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक में, Validators में स्पष्ट रूप से Ethereum पर एक Smart Contract में Ether के रूप में कैपिटल Expand करते हैं, अगर इसे नॉर्मल और सरल शब्दों में कहें तो प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक, प्रूफ़ ऑफ़ वर्क सिस्टम का ही इम्प्रूवमेंट है.

Proof of Stake कैसे काम करता है? How Works Proof of Stake in Hindi

Proof of Stake Algorithm, Nodes के Group से Validators को Select करने के लिए Pseudo-Random Election का उपयोग करता है, ऐसे में सिस्टम फैक्टर्स के भी कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करता है.

जिसमें Staking करने की Age, Randomization का एक Elements और नोड भी शामिल है, प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक सिस्टम में ब्लॉक ‘Mined’ के बजाय ‘Forged’ होते है, हालाँकि आप अभी भी कभी-कभी इस्तेमाल किये जाने वाले ‘Mined’ शब्द को सुन सकते है.

अधिकांश प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक क्रिप्टोकरेंसी नोड्स को शुरू करने की अनुमति देने के लिए ‘Pre-Forged’ Coins की supply के साथ लॉन्च होते है, ऐसे में Stake जितने बड़े होते है उसकी पॉसिबिलिटीज उतनी ही ज्यादा होती है.

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Proof of Stake का इतिहास क्या है? History of Proof of Stake in Hindi

प्रूफ ऑफ स्टेक (PoS) को पहली बार 2012 में सनी किंग और स्कॉट नडाल द्वारा एक पेपर में पेश किया गया था और इसका उद्देश्य बिटकॉइन माइनिंग की High Energy consumption की प्रॉब्लम का सलूशन करना था.

उस समय, बिटकॉइन नेटवर्क को बनाए रखने के लिए प्रति दिन औसतन $ 150,000 का खर्च आता था, आज, यह आंकड़ा चौंका देने वाला $6.7 मिलियन है (यदि हम $0.12/वाट की लागत मान लें और उस अनुमानित 56,209,833 KWh बिजली से गुणा करें जो बिटकॉइन नेटवर्क ने 13 अक्टूबर, 2017 को खपत की थी).

ब्लॉक जोड़ने के लिए Miners के Energy-Dependent Work पर भरोसा करने के बजाय, सनी और स्कॉट ने “स्टेकिंग” नामक एक वैकल्पिक विधि का सुझाव दिया, जहां एक deterministic algorithm एक व्यक्ति के सिक्कों की संख्या के आधार पर नोड्स का चयन करेगा. दू

सरे शब्दों में, यदि वे अपने Wallet में अधिक सिक्के “दर्ज” करते हैं, तो श्रृंखला में एक ब्लॉक जोड़ने और रिवार्ड प्राप्त करने के लिए stake लगाने वालों के पास चुने जाने की अधिक संभावना होगी.

उन्हें उम्मीद थी कि इससे ऊर्जा की बढ़ती लागत और खनन की हैश दर की कठिनाई से बचा जा सकेगा, हालाँकि, उनका नया consensus mechanism अपने स्वयं के मुद्दों के बिना नहीं था.

Proof of Stake के फ़ायदे और नुकसान

प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक के फ़ायदे और नुकसान कुछ इस प्रकार है.

Proof of Stake के फ़ायदेAdvantage of Proof of Stake in Hindi

  • प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक Computations पर बहुत अधिक Energy की ज़रूरत नहीं होती है.
  • प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक में प्रवेश के लिए कम बाधाओं का सामना करना पड़ता है और इसके साथ ही इसमें किसी भी तरह के बड़े हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होती है.
  • इसके साथ ही प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक में नेटवर्क को सुरखित करने वाले नोड्स की तरफ़ ले जाने में कम सेंट्रलाइज्ड रिस्क होता है.
  • प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक में कम एनर्जी लगने की वजह से इसमें भाग लेने वाले को प्रोत्साहित करने के लिए कम ETH जारी करने की आवश्कता होती है.

Proof of Stake के नुकसान Disadvantage of Proof of Stake in Hindi

  • प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक में, stake प्रॉब्लम या लॉन्ग रेंज अटैक को रोकने के लिए अतिरिक्त नियम बनाने की ज़रूरत है, इसके अलावा Validator का सिलेक्शन और भी ज्यादा जटिल होता है, और इसे सर्विस अटैक या होल्ड-अप्स के इनकार करने के अगेन्स्ट प्रोटेक्ट करना चाहिए. इससे सिस्टम की जटिलता बढ़ जाती है.
  • सुरक्षा को लेकर यह कुछ परिस्थितयों में प्रूफ़ ऑफ़ वर्क से 51% कम लागत में हो सकता है, ऐसे में, अटैकर की कम्युनिटी को विश्वास दिला सकता है की उसका अटैक सफ़ल होगा

निष्कर्ष

क्रिप्टोकरेंसी की दुनियां बड़ी ही विचित्र और इंट्रेस्टिंग है, यहाँ पर हर दिन कुछ नई चीज देखनें और सुनने को मिलती रहती है, उसी में से एक है (PoS) प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक, तो दोस्तों आज हमनें (PoS) प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक क्या है। What’s Proof of Stake in Hindi 2022। PoS क्या है? प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक कैसे काम करता है? How PoS Works Hindi। प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक का इतिहास क्या है? History of Proof of Stake in Hindi। Proof of Stake (PoS) के फ़ायदे और नुकसान क्या है? को जाना.

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Proof of Stake

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